राजस्थान के 15 मशहूर व्यंजन | Famous Foods of Rajasthan
राजस्थान के मशहूर व्यंजन सिर्फ खाने की चीजें नहीं हैं, बल्कि ये राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, इतिहास और परंपरा का जीवंत प्रतीक हैं। राजस्थान की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और युद्धों के इतिहास ने यहां के खाने को अनोखा स्वाद और विशेषताएं दी हैं। राजस्थानी भोजन सिर्फ पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि यहाँ के रीति-रिवाजों, त्योहारों और मेहमाननवाज़ी का अहम हिस्सा है। हर त्योहार के साथ विशेष व्यंजन जुड़े हैं और राजस्थानी लोग अपने खाने के स्वाद और विविधता पर गर्व करते हैं। राजस्थानी व्यंजनों की यह यात्रा आपको इस राज्य की समृद्ध संस्कृति और पाक कला से रूबरू कराती है। अगर आपको तीखे, मसालेदार और घी से भरपूर खाने का शौक है, तो राजस्थानी खाना आपके लिए एकदम सही है!
Table of Contents
1. दाल बाटी चूरमा – राजस्थान की पहचान
- राजस्थान के मशहूर व्यंजन में सबसे ऊपर नंबर आता है दाल बाटी चूरमा।
- यह व्यंजन तीन चीजों से मिलकर बनता है – बाटी, दाल और चूरमा।
- बाटी गेहूं के आटे से बने गोले होते हैं जिन्हें आग में या तंदूर में पकाया जाता है और फिर घी में डुबोया जाता है।
- दाल पंचमेल दाल होती है जिसमें पांच तरह की दालें – चना, मूंग, उड़द, मसूर और अरहर डाली जाती हैं।
- इसे जीरा, हींग, लाल मिर्च और गरम मसाले के साथ तैयार किया जाता है।
- चूरमा मीठा होता है जो बाटी के टुकड़ों, घी, चीनी या गुड़ और इलायची से बनता है। इसमें ड्राई फ्रूट्स भी डाले जाते हैं।
- यह व्यंजन त्योहारों, शादियों और खास मौकों पर बनाया जाता है।
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2. केर सांगरी – रेगिस्तान की अनोखी सब्जी
- राजस्थान के मशहूर व्यंजन में केर सांगरी का खास स्थान है।
- यह सब्जी दो चीजों से बनती है – केर और सांगरी।
- केर रेगिस्तान में उगने वाले कैक्टस जैसे पौधे के फल हैं, जो खट्टे होते हैं।
- सांगरी खेजड़ी के पेड़ की फलियां होती हैं, जो राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में पाई जाती हैं।
- इन दोनों को धूप में सुखाकर स्टोर किया जाता है और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जाता है।
- यह सब्जी राजस्थान के कठिन मौसम में भी आसानी से बनाई जा सकती है और इसका स्वाद बेहद लाजवाब होता है।
- इसे बनाने के लिए पहले केर और सांगरी को भिगोया जाता है, फिर इन्हें मसालों के साथ पकाया जाता है।
- केर सांगरी का स्वाद खट्टा-तीखा-मीठा होता है और यह रोटी या बाजरे की रोटी के साथ बेहद अच्छी लगती है।
- यह सब्जी प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होती है और सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।
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3. गट्टे की सब्जी – बेसन के स्वादिष्ट गोले
- गट्टे की सब्जी राजस्थान की सबसे लोकप्रिय सब्जियों में से एक है।
- यह बेसन के गोलों से बनाई जाती है। बेसन में लाल मिर्च, धनिया, अजवाइन, हल्दी और नमक मिलाकर गूंथा जाता है।
- फिर इसके छोटे-छोटे गोले बनाए जाते हैं। इन गोलों को पहले पानी में उबाला जाता है।
- फिर दही और मसालों वाली ग्रेवी में डाला जाता है। ग्रेवी में दही, बेसन, लाल मिर्च, हल्दी, धनिया और गरम मसाला होता है।
- यह राजस्थान के मशहूर व्यंजन में शामिल है क्योंकि यह प्रोटीन से भरपूर, बनाने में आसान और चावल या रोटी दोनों के साथ खाया जा सकता है।
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4. राजस्थानी कढ़ी – बेसन की अनोखी कढ़ी
- आम कढ़ी से बिल्कुल अलग राजस्थानी कढ़ी में पकौड़े की जगह बेसन के छोटे गोले डाले जाते हैं।
- इसे गट्टे की कढ़ी भी कहते हैं। यह कढ़ी गाढ़ी और मसालेदार होती है और राजस्थान के मशहूर व्यंजन की लिस्ट में शामिल है।
- राजस्थानी कढ़ी बनाने के लिए दही को बेसन के साथ फेंटा जाता है, फिर उसमें मसले दाल कर पकाया जाता है।
- अलग से बेसन के छोटे गोले बनाकर तले जाते हैं और कढ़ी में डाले जाते हैं।
- अंत में राई, जीरा, मेथी और करी पत्ते का तड़का लगाया जाता है।
- यह कढ़ी राजस्थानी खाने का अहम हिस्सा है और इसे चावल या रोटी दोनों के साथ खाया जाता है।
- इसका स्वाद गाढ़ा, मसालेदार और हल्का खट्टा होता है।
- यह कढ़ी पंजाबी कढ़ी से काफी अलग है और इसे एक बार खाने के बाद आप इसके दीवाने हो जाएंगे।
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5. बाजरे की रोटी और लहसुन की चटनी – सर्दियों का सुपरफूड
- सर्दियों में बाजरे की रोटी और लहसुन की चटनी राजस्थानी घरों की शान होती है।
- बाजरा पौष्टिक होता है और सर्दियों में शरीर को गर्मी प्रदान करता है।
- बाजरे की रोटी गूंथना आसान नहीं है, इसके लिए मेहनत और अभ्यास की जरूरत होती है।
- गरमा-गरम बाजरे की रोटी पर देसी घी लगाकर खाने का अपना ही मजा है।
- साथ में लहसुन की चटनी हो तो स्वाद दोगुना हो जाता है।
- यह चटनी तीखी और तेज स्वाद वाली होती है।
- बाजरे की रोटी और लहसुन की चटनी का संगम सर्दियों में खासा लोकप्रिय है।
- यह भी राजस्थान के मशहूर व्यंजन में गिना जाता है। इसके साथ सरसों का साग और गुड़ भी खाया जाता है, लेकिन लहसुन की चटनी का अपना अलग ही स्वाद है।
6. लाल मांस – राजपूताना की शान
- लाल मांस राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध मांसाहारी व्यंजनों में से एक है।
- इसे “लाल” इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें लाल मिर्च का भरपूर इस्तेमाल होता है।
- यह व्यंजन मटन (बकरे के मांस) से बनाया जाता है। सबसे खास बात यह है कि इसमें प्याज-लहसुन का इस्तेमाल नहीं होता।
- इसके बजाय इसमें सूखे मेवे, दही और खास मसालों का इस्तेमाल किया जाता है।
- राजपूत शासकों के समय में यह व्यंजन खास मौकों पर बनाया जाता था।
- लाल मांस को बनाने में कई घंटे लगते हैं ताकि मसाले अच्छी तरह मांस में समा जाएं।
- इसका रंग गहरा लाल होता है और स्वाद बेहद तीखा और मसालेदार।
- राजस्थान के मशहूर व्यंजन में यह अपनी खास जगह रखता है।
- इसे आमतौर पर बेदमी पुलाव या मिस्सी रोटी के साथ परोसा जाता है।
- लाल मांस की खासियत यह है कि इसे कई दिनों तक स्टोर किया जा सकता है और इसका स्वाद और भी गहरा हो जाता है।
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7. मोहन मांस – दही का खट्टापन, मसालों की मिठास
- मोहन मांस एक और शाही मटन डिश है जो दही और हल्के मसालों में पकाई जाती है।
- यह जयपुर के महाराजाओं का खास व्यंजन था और आज भी खास मौकों पर बनाया जाता है।
- यह राजस्थान के मशहूर व्यंजन में गिना जाता है।
- मोहन मांस को बनाने के लिए मटन को दही, अदरक-लहसुन का पेस्ट और हल्के मसालों में मैरीनेट किया जाता है।
- फिर इसे धीमी आंच पर पकाया जाता है ताकि मांस नरम हो जाए और मसाले अच्छी तरह मिल जाएं।
- इसमें तेज मसाले नहीं डाले जाते, बल्कि हल्के मसालों का इस्तेमाल किया जाता है।
- इसकी ग्रेवी हल्के रंग की और मलाईदार होती है।
- दही के कारण इसमें हल्का खट्टापन होता है और मसालों की मिठास इसे और भी स्वादिष्ट बना देती है।
- इसे सफेद मांस भी कहा जाता है। यह व्यंजन राजस्थानी रॉयल किचन की देन है।
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8. सफेद मांस – बादाम और दूध से बनी करी
- यह एक अनोखी मांसाहारी डिश है जिसमें मांस को बादाम, दूध और सफेद मसालों में पकाया जाता है।
- यह बेहद हल्का और स्वादिष्ट होता है और राजस्थान के मशहूर व्यंजन की श्रेणी में आता है।
- सफेद मांस को बनाने के लिए मटन को दूध, भीगे हुए बादाम, खसखस और हल्के सफेद मसालों के साथ पकाया जाता है।
- इसमें लाल मिर्च या तीखे मसालों का इस्तेमाल नहीं होता। इसका नाम इसके सफेद रंग के कारण पड़ा है।
- यह व्यंजन उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है जो तीखा कम खाते हैं लेकिन नॉनवेज का स्वाद लेना चाहते हैं।
- इसका स्वाद हल्का, मलाईदार और मीठा होता है। बादाम और दूध की वजह से यह बहुत पौष्टिक भी होता है।
- इसे चावल या नान के साथ परोसा जाता है। राजस्थान के कुछ खास रेस्तरां में यह डिश आज भी बड़े शौक से बनाई जाती है।
9. घेवर – त्योहारों की मिठास
- घेवर राजस्थान की सबसे प्रसिद्ध मिठाई है। खासकर तीज-त्योहारों पर यह हर घर में बनती है।
- यह एक प्रकार का मीठा पकवान है जो देखने में छत्ते की तरह लगता है।
- घेवर बनाना बहुत कठिन है और इसे बनाने में काफी मेहनत लगती है।
- मैदे के घोल को गर्म घी में छलनी की मदद से डाला जाता है ताकि उसकी जालीदार बनावट बन सके।
- इसे गोल आकार में तला जाता है और फिर चाशनी में डुबोया जाता है।
- ऊपर से मलाई, खोया, पिस्ता और बादाम की कतरन डाली जाती है।
- घेवर के कई प्रकार होते हैं – मलाई घेवर, खोया घेवर, पनीर घेवर आदि।
- राजस्थान के मशहूर व्यंजन में घेवर का खास स्थान है।
- यह त्योहारों की शान होता है और इसे बिना खाए त्योहार अधूरा लगता है।
- तीज के मौके पर जयपुर में तो घेवर की खासी मांग रहती है।
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10. मावा कचौरी – जोधपुर का खास तोहफा
- मावा कचौरी जोधपुर की देन है। यह नमकीन कचौरी नहीं बल्कि मीठी होती है।
- इसे मावा (खोया) और सूखे मेवों से भरा जाता है और चाशनी में डुबोया जाता है।
- बाहर से यह आम कचौरी की तरह दिखती है, लेकिन अंदर से मीठी होती है।
- इसे बनाने के लिए मैदे की पतली परत में मावा, इलायची, केसर, पिस्ता और बादाम का मिश्रण भरा जाता है।
- फिर इसे गोल आकार देकर तला जाता है। इसके बाद इसे चाशनी में डुबोया जाता है।
- यह मिठाई इतनी लोकप्रिय है कि जोधपुर में इसके लिए लंबी लाइनें लगती हैं।
- यह भी राजस्थान के मशहूर व्यंजन में शामिल है। यह खासकर सर्दियों में ज्यादा बनाई जाती है।
- मावा कचौरी का स्वाद इतना लाजवाब होता है कि एक बार खाने के बाद आप बार-बार खाने का मन करेंगे।
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11. रसमलाई – अलवर की पहचान
- रसमलाई का राजस्थानी संस्करण अलवर शहर से आता है।
- यह बंगाली रसगुल्ले से बिल्कुल अलग है – यह चपटी मलाईदार पनीर की डिस्क होती है जो मलाईदार दूध में तैरती है।
- अलवर की रसमलाई पूरे भारत में मशहूर है। इसे बनाने के लिए पनीर को गूंथकर छोटी-छोटी डिस्क बनाई जाती हैं।
- उन्हें हल्का तला या उबाला जाता है। फिर इन्हें मीठी और मलाईदार रबड़ी में डाला जाता है।
- यह इतनी मुलायम होती है कि मुंह में डालते ही घुल जाती है।
- राजस्थान के मशहूर व्यंजन में रसमलाई भी शामिल है। अलवर जाने पर वहां की रसमलाई जरूर खानी चाहिए।
- यह गर्मी और सर्दी दोनों मौसम में खाई जाती है।
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12. प्याज कचौरी – जयपुर का मशहूर नाश्ता
- प्याज कचौरी राजस्थान का सबसे मशहूर नाश्ता है।
- यह कचौरी प्याज और मसालों से भरी होती है और गरमागरम परोसी जाती है।
- जयपुर में तो सुबह-सुबह प्याज कचौरी की लाइनें लगती हैं।
- इसे बनाने के लिए मैदे की पतली परत में प्याज, हरी मिर्च, अदरक, लाल मिर्च, धनिया और अन्य मसालों का मिश्रण भरा जाता है।
- फिर इसे गर्म तेल में तला जाता है। यह बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम होती है।
- इसे हरी चटनी और मीठी चटनी के साथ परोसा जाता है।
- राजस्थान के मशहूर व्यंजन में प्याज कचौरी का खास स्थान है।
- जयपुर की रावत कचौरी और सम्राट कचौरी तो बहुत मशहूर हैं। यह नाश्ते में या शाम के स्नैक्स के तौर पर खाई जाती है।
13. मिर्ची बड़ा – जोधपुर का फेमस स्नैक्स
- बड़ी हरी मिर्च को बेसन में लपेटकर तला जाता है – यह है मिर्ची बड़ा।
- यह बाहर से कुरकुरा और अंदर से तीखा होता है। जोधपुर में यह बहुत लोकप्रिय है।
- इसे बनाने के लिए बड़ी हरी मिर्च को बीच से चीरा लगाकर उसमें नमक, अमचूर और मसालों का मिश्रण भरा जाता है।
- फिर इसे बेसन के घोल में लपेटकर गर्म तेल में तला जाता है।
- यह इतना स्वादिष्ट होता है कि तीखेपन के बावजूद लोग इसे खूब पसंद करते हैं।
- राजस्थान के मशहूर व्यंजन में यह भी शामिल है। इसे हरी चटनी के साथ परोसा जाता है।
- जोधपुर में तो यह हर कोने पर मिल जाता है।
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14. मलाई गिलोरी – जयपुर की खास मिठाई
- मलाई गिलोरी जयपुर की स्पेशल मिठाई है जो दूध की मलाई और चीनी से बनती है।
- इसे बनाने के लिए दूध की मलाई को इकट्ठा करके उसे चीनी की चाशनी में डुबोया जाता है।
- यह बहुत ही सॉफ्ट और मलाईदार होती है और मुंह में डालते ही घुल जाती है।
- राजस्थान के मशहूर व्यंजन में यह भी शामिल है।
- जयपुर के लड्डू गोपाल और अन्य मशहूर मिठाई की दुकानों पर यह आसानी से मिल जाती है।
- यह खासकर सर्दियों में ज्यादा बनाई जाती है।
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15. पापड़ी चाट – राजस्थानी स्टाइल चाट
- पापड़ी चाट राजस्थान में अपने अनोखे अंदाज में बनाई जाती है
- इसमें दही और चटनी की मात्रा कम और मसालों की मात्रा अधिक होती है।
- कुरकुरी पापड़ी पर उबले आलू, चने, दही, चटनी और ऊपर से मसाले डालकर यह चाट बनाई जाती है।
- राजस्थानी पापड़ी चाट में मसालों का तड़का होता है जो इसे और भी स्वादिष्ट बना देता है।
- यह राजस्थान के मशहूर व्यंजन की लिस्ट में शामिल है।
- इसे बनाने में लाल मिर्च, जीरा पाउडर, काला नमक, चाट मसाला का इस्तेमाल किया जाता है।
- जयपुर में चाट के बहुत से मशहूर ठिकाने हैं जहां लोग शाम को टहलते हुए पापड़ी चाट खाना पसंद करते हैं।
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निष्कर्ष:
राजस्थान के मशहूर व्यंजन केवल खाने की वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि यह राजस्थान की संस्कृति, इतिहास और परंपरा का प्रतीक हैं। दाल बाटी चूरमा से लेकर घेवर तक, हर व्यंजन की अपनी कहानी है। राजस्थान के मशहूर व्यंजन की यह लिस्ट आपको राजस्थानी खाने की विविधता और समृद्धि से परिचित कराती है। यह सिर्फ खाना नहीं, एक अनुभव है। इस अनुभव को जीने के लिए तैयार हैं? तो आज ही किसी राजस्थानी रेस्तरां में जाएं या घर पर कोई राजस्थानी व्यंजन बनाएं और इस स्वादिष्ट यात्रा का आनंद लें।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
उत्तर: राजस्थान का सबसे प्रसिद्ध व्यंजन दाल बाटी चूरमा है। यह राजस्थान की पहचान माना जाता है।
उत्तर: गर्म जलवायु में तीखा खाना खाने से पसीना आता है, जिससे शरीर ठंडा रहता है। मसाले खाने को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में भी मदद करते हैं।
उत्तर: घेवर राजस्थान की सबसे मशहूर मिठाई है, खासकर तीज त्योहार पर। मावा कचौरी और रसमलाई भी बहुत प्रसिद्ध हैं।
उत्तर: बिल्कुल! लगभग 70% राजस्थानी व्यंजन शाकाहारी हैं। दाल बाटी चूरमा, केर सांगरी, गट्टे की सब्जी, प्याज कचौरी सभी शाकाहारी हैं।
उत्तर: राजस्थानी कढ़ी में बेसन के गोले (गट्टे) डाले जाते हैं जबकि पंजाबी कढ़ी में पकौड़े। राजस्थानी कढ़ी ज्यादा मसालेदार और गाढ़ी होती है।
उत्तर: बेसन के गोले (गट्टे) बनाकर उबाले जाते हैं और फिर दही और मसालों वाली ग्रेवी में डाले जाते हैं।
उत्तर: प्याज कचौरी, मिर्ची बड़ा, पापड़ी चाट, समोसे और मठरी राजस्थान के मशहूर स्ट्रीट फूड हैं।
उत्तर: लाल मिर्च, धनिया, जीरा, हींग, अजवाइन, पंचफोरन, गरम मसाला, काला नमक मुख्य मसाले हैं।
उत्तर: जयपुर में प्याज कचौरी, मलाई गिलोरी और लस्सी सबसे मशहूर हैं।
उत्तर: बीकानेर के भुजिया, रसगुल्ले और गट्टे की सब्जी पूरे देश में मशहूर हैं।