Top 10 केरल के शीर्ष हिल स्टेशन | Kerala Hill Stations
केरल, जिसे God’s Own Country कहा जाता है, केवल अपने बैकवाटर्स और हरे-भरे मैदानों तक सीमित नहीं है। यह राज्य कुछ ऐसे मनमोहक Hill Stations का घर है, जो साहसिक कार्य, शांति और अद्भुत प्राकृतिक नज़ारों से भरे हुए हैं। ये Kerala Hill Stations न सिर्फ गर्मी से राहत दिलाते हैं, बल्कि अपनी अनूठी संस्कृति और बहुतायत हरियाली से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। आइए जानते हैं केरल के ऐसे ही 10 शीर्ष हिल स्टेशन्स के बारे में, जहाँ की यात्रा आपको प्रकृति के और करीब ले जाएगी।
Table of Contents
1. मुन्नार: चाय बागानों की अनंत हरियाली
मुन्नार केरल का सबसे प्रसिद्ध Hill Stations है, जो अपने खूबसूरत चाय बागानों, झरनों और घुमावदार पहाड़ी रास्तों के लिए जाना जाता है। समुद्र तल से लगभग 1600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, यह स्थान अपने शांत वातावरण और मनोरम दृश्यों के लिए पर्यटकों का पसंदीदा ठिकाना है। मुन्नार Kerala Hill Stations में सबसे लोकप्रिय है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।
कब जाए:
- सितंबर से मार्च का समय आदर्श है, जब मौसम सुहावना रहता है।
क्या करें:
- एराविकुलम नेशनल पार्क में नीलगिरि तहर को देखने जाएँ।
- चाय संग्रहालय का दौरा करके चाय निर्माण की प्रक्रिया समझें।
- मट्टुपेट्टी डैम और टॉप स्टेशन के दृश्यों का आनंद लें।
- ट्रैकिंग और कैंपिंग का लुत्फ़ उठाएँ।
ख़ास संस्कृति:
- यहाँ के चाय बागानों में काम करने वाले समुदाय की जीवनशैली
- और उनके लोक संगीत को करीब से देखा-समझा जा सकता है।
कैसे जाएँ:
- हवाई मार्ग: कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट (लगभग 110 किमी) सबसे नज़दीक है। वहाँ से टैक्सी या बस ले सकते हैं।
- रेल मार्ग: अलुवा रेलवे स्टेशन (लगभग 110 किमी) निकटतम है।
- सड़क मार्ग: केरल और तमिलनाडु के सभी प्रमुख शहरों से मुन्नार के लिए बसें और टैक्सी उपलब्ध हैं।
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2. वायनाड: जंगलों और आदिवासी विरासत का स्वर्ग
वायनाड जंगलों, झरनों, गुफाओं और आदिवासी संस्कृति का एक अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत करता है। यह केरल हिल स्टेशन उन यात्रियों के लिए बेहतरीन है जो साहसिक और संस्कृति का अनुभव एक साथ चाहते हैं। वायनाड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक समृद्धि इसे Kerala Hill Stations की सूची में विशेष स्थान दिलाती है।
कब जाएँ:
- अक्टूबर से मई का महीना वायनाड घूमने के लिए जाने का सही समय माना जाता है।
क्या करें
- चीदलियार वन्यजीव अभयारण्य, एडक्कल गुफाएँ, कुरुव द्वीप, पूकुंड झरना और बाणासुर सागर बांध देखें।
- बांबू राफ्टिंग और जंगल ट्रेकिंग जरूर करें।
ख़ास संस्कृति:
- वायनाड की ख़ास संस्कृति यहाँ के आदिवासी समुदायों (जैसे पनिया, अदिया) के इर्द-गिर्द घूमती है।
- उनके नृत्य, संगीत और हस्तशिल्प देखने योग्य हैं।
कैसे जाएँ:
- हवाई मार्ग: कोजिकोड एयरपोर्ट (लगभग 100 किमी) और कन्नूर एयरपोर्ट (लगभग 120 किमी)।
- रेल मार्ग: कोजिकोड रेलवे स्टेशन (लगभग 110 किमी) मुख्य जंक्शन है।
- सड़क मार्ग: बैंगलोर, मैसूर, कोच्चि और कोजिकोड से वायनाड के लिए नियमित बस सेवाएँ उपलब्ध हैं।
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3. देवीकुलम: देवी का तालाब
मुन्नार से मात्र 7 किमी दूर स्थित देवीकुलम एक छोटा और आकर्षक हिल स्टेशन है। ऐसी मान्यता है कि देवी सीता ने इस स्थान पर स्नान किया था, इसलिए इसका धार्मिक महत्व भी है। देवीकुलम एक ऐसा Kerala Hill Stations है जो प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ पौराणिक कथाओं का अनूठा मिश्रण प्रस्तुत करता है।
कब जाए:
- पूरे साल भर यहाँ आया जा सकता है, लेकिन सितंबर-मई विशेष रूप से अच्छा है।
क्या करें:
- देवीकुलम लेक के शांत तट पर समय बिताएँ।
- निर्दोष बच्चों की भूमि (लैंड ऑफ़ इनोसेंस चाइल्ड्रेन) में बच्चों के साथ घूमें।
- स्पाइस गार्डन में जाकर विभिन्न मसालों के बारे में जानें।
- आसपास के चाय बागानों की सैर करें।
ख़ास संस्कृति:
- इस क्षेत्र की स्थानीय जनजातियों की रहन-सहन और परम्पराओं को करीब से जाना जा सकता है।
कैसे जाएँ:
- देवीकुलम पहुँचने का सबसे आसान तरीका मुन्नार से टैक्सी या ऑटो-रिक्शा लेना है।
- मुन्नार के लिए परिवहन के सभी साधन उपलब्ध हैं।
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4. पोनमुडी: सात पहाड़ियों का नगर
पोनमुडी, जिसका अर्थ है ‘स्वर्ण शिखर’, तिरुवनंतपुरम से करीब 60 किमी दूर स्थित एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। यह अपने नारंगी बागानों, छोटे-छोटे झरनों और शान्त वातावरण के लिए जाना जाता है। पोनमुडी एक शांत और कम भीड़-भाड़ वाला Kerala Hill Stations है, जो एकांत और शांति की तलाश करने वालों के लिए परफेक्ट है।
कब जाए:
- नवंबर से फरवरी के दौरान यहाँ का मौसम सबसे सुहावना होता है।
क्या करें:
- पीक व्यू पॉइंट से आसपास के मनोरम दृश्य देखें।
- पोनमुडी लेक रिसॉर्ट में समय बिताएँ।
- मीनमुटी जलप्रपात और गोल्डन वैली का भ्रमण करें।
- ट्रैकिंग और रॉक क्लाइंबिंग का आनंद लें।
ख़ास संस्कृति:
- यह क्षेत्र कई आदिवासी समुदायों का घर है,
- जिनकी हस्तशिल्प कला और सादगी भरा जीवन देखने योग्य है।
कैसे जाएँ:
- हवाई मार्ग: तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट (लगभग 60 किमी) सबसे नज़दीक है।
- रेल मार्ग: तिरुवनंतपुरम सेंट्रल रेलवे स्टेशन मुख्य जंक्शन है।
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5. पीरमेड: ट्रैकर्स का स्वर्ग
इडुक्की जिले में स्थित पीरमेड एक ऊँचाई वाला हिल स्टेशन है, जो ट्रैकिंग और कैंपिंग के शौक़ीनों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है। यह समुद्र तल से लगभग 5000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। पीरमेड Kerala Hill Stations में एक एडवेंचर हब के रूप में जाना जाता है और यहाँ आने वाले पर्यटकों को प्रकृति की कठिन चुनौतियों का सामना करने का मौका मिलता है।
कब जाए:
- ट्रैकिंग के लिए सितंबर से मार्च तक का समय सर्वोत्तम है।
क्या करें:
- नीलेकांडी चोटी पर ट्रैकिंग का रोमांच लें।
- पाराम्बिकुलम टाइगर रिजर्व की सैर करें।
- ग्रास हिल्स पर कैंपिंग का मज़ा लें।
- मीशापुल्ली मलय पर्वत पर चढ़ाई करें।
ख़ास संस्कृति:
- यह क्षेत्र मूल रूप से जनजातीय लोगों का निवास स्थान है,
- जिनकी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियाँ और जीवनशैली आकर्षण का केंद्र है।
कैसे जाएँ:
- हवाई मार्ग: मदुरई एयरपोर्ट (तमिलनाडु, लगभग 140 किमी) या कोचीन एयरपोर्ट (लगभग 150 किमी)।
- रेल मार्ग: कोट्टायम रेलवे स्टेशन (लगभग 100 किमी) निकटतम है।
- सड़क मार्ग: कोट्टायम, मुन्नार और थोडुपुझा से पीरमेड के लिए बसें चलती हैं।
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6. लक्किडी: मिस्टी माउंटेन्स का गाँव
वायनाड जिले में स्थित लक्किडी समुद्र तल से लगभग 2200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसे “मिस्टी माउंटेन्स का गाँव” भी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ अक्सर कोहरा छाया रहता है। यह Kerala Hill Stations में वह स्थान है जहाँ आप धुंध से ढकी पहाड़ियों और शांत वातावरण में खो सकते हैं।
कब जाए:
- अक्टूबर से मार्च तक का समय सबसे आरामदायक रहता है।
क्या करें:
- लक्किडी व्यू पॉइंट से सूर्योदय और सूर्यास्त के मनोरम दृश्य देखें।
- पुकुडे लेक के किनारे शांति का अनुभव करें।
- चेनमन गुफा का रहस्यमय अनुभव लें।
- कॉफ़ी और इलायची के बागानों की सैर करें।
ख़ास संस्कृति:
- लक्किडी अपने स्थानीय कृषि तरीकों और कॉफी उत्पादन के लिए जाना जाता है।
- यहाँ की कॉफी की खुशबू पूरे क्षेत्र में महकती है।
कैसे जाएँ:
- निकटतम हवाई अड्डा: कोजिकोड एयरपोर्ट (लगभग 80 किमी)।
- निकटतम रेलवे स्टेशन: कोजिकोड (लगभग 75 किमी)।
- सड़क मार्ग: वायनाड के कल्पेट्टा से लक्किडी लगभग 25 किमी दूर है। बस या टैक्सी से आसानी से पहुँचा जा सकता है।
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7. रामकलमेडु: हवाओं का पहाड़
इडुक्की जिले में स्थित रामकलमेडु अपनी तेज़ हवाओं और विस्तृत हरियाली के लिए प्रसिद्ध है। यह समुद्र तल से 3500 फीट की ऊँचाई पर स्थित है और यहाँ से पूर्वी और पश्चिमी घाट के अद्भुत दृश्य देखे जा सकते हैं। रामकलमेडु Kerala Hill Stations में एक अनोखा स्थान है, जो साहसिक खेलों के शौक़ीनों के लिए आदर्श माना जाता है।
कब जाए:
- सितंबर से मार्च तक यहाँ का मौसम घूमने के लिए उपयुक्त रहता है।
क्या करें:
- रामकलमेडु व्यू पॉइंट से सूर्योदय का शानदार नज़ारा देखें।
- “कुरावन और करुंबा” की विशाल मूर्तियों के पास फोटोग्राफी करें।
- पतंग उड़ाने और पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियों का आनंद लें।
- आसपास के गाँवों की सैर करके स्थानीय जीवनशैली को समझें।
ख़ास संस्कृति:
- यहाँ के स्थानीय लोग मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर हैं।
- उनके त्योहार व मेले कृषि चक्र से जुड़े हुए हैं।
कैसे जाएँ:
- हवाई मार्ग: मदुरई एयरपोर्ट (तमिलनाडु, लगभग 140 किमी) सबसे नज़दीक है।
- रेल मार्ग: कोट्टायम रेलवे स्टेशन (लगभग 120 किमी)।
- सड़क मार्ग: थोडुपुझा या मुन्नार से बस या टैक्सी द्वारा पहुँचा जा सकता है।
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8. इल्लिक्कल कल्लू: केरल का सबसे ऊँचा शिखर
इल्लीकल कल्लू केरल का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है, जो समुद्र तल से 6000 फीट से अधिक ऊँचा है। यह इडुक्की जिले में स्थित है और ट्रैकिंग के लिए एक आदर्श स्थल है। यह Kerala Hill Stations में सबसे चुनौतीपूर्ण ट्रैकिंग अनुभव प्रदान करता है और प्रकृति के साथ एक गहरा संबंध बनाने का अवसर देता है।
कब जाए:
- ट्रैकिंग के लिए नवंबर से फरवरी सबसे अच्छा समय है।
क्या करें:
- इल्लीकल कल्लू की चोटी पर ट्रैकिंग का साहसिक अनुभव लें।
- रास्ते में मिलने वाले छोटे-छोटे झरनों और हरे-भरे जंगलों का आनंद लें।
- आसपास के चाय बागानों का दौरा करें।
- प्राकृतिक सौंदर्य का फोटोग्राफी करें।
ख़ास संस्कृति:
- इस क्षेत्र की स्थानीय जनजातियाँ प्रकृति पूजक हैं।
- उनके जीवन में पहाड़ों का विशेष महत्व है।
कैसे जाएँ:
- इल्लीकल कल्लू की ट्रैकिंग आमतौर पर कोडिक्कनल (तमिलनाडु) या मुन्नार से शुरू होती है।
- सबसे पहले इन बेस शहरों तक पहुँचना होता है।
9. मेप्पाडी: कॉफी और नारंगी की भूमि
वायनाड में स्थित मेप्पाडी अपने कॉफी बागानों, नारंगी के बगीचों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यह एक छोटा और शांत हिल स्टेशन है जो भीड़-भाड़ से दूर एक आरामदायक छुट्टी की तलाश करने वालों के लिए बिल्कुल सही है। मेप्पाडी एक ऐसा Kerala Hill Stations है जो आपको केरल की ग्रामीण जीवनशैली और प्राकृतिक सम्पदा के करीब ले जाता है।
कब जाए:
- अक्टूबर से मई तक का समय यहाँ घूमने के लिए सबसे अच्छा है।
क्या करें:
- कॉफी बागानों का दौरा करें और ताज़ा कॉफी का स्वाद चखें।
- करापुरा हॉट वॉटर स्प्रिंग्स में आराम करें।
- पदिनजारेड्डी मलय पर्वत पर ट्रैकिंग करें।
- स्थानीय होमस्टे में रहकर ग्रामीण जीवन का अनुभव लें।
ख़ास संस्कृति:
- मेप्पाडी की संस्कृति कृषि और बागवानी के इर्द-गिर्द घूमती है।
- यहाँ के लोगों का गर्मजोशी से स्वागत करना यादगार रहता है।
कैसे जाएँ:
- हवाई मार्ग: कोजिकोड एयरपोर्ट (लगभग 90 किमी)।
- रेल मार्ग: कोजिकोड रेलवे स्टेशन (लगभग 85 किमी)।
10. सह्याद्रि रेंज के छोटे-मोटे हिल स्टेशन
केरल में सह्याद्रि पर्वतमाला में फैले कई छोटे-छोटे हिल स्टेशन हैं जो अपनी अलग पहचान रखते हैं। इनमें अम्बालावयल, नेल्लियाम्पाथी और सिलेंट वैली के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। ये छोटे Kerala Hill Stations पर्यटकों को एक अलग तरह का शांतिपूर्ण और प्रामाणिक अनुभव प्रदान करते हैं।
कब जाए:
- इन जगहों पर साल भर आया जा सकता है, लेकिन मानसून के बाद का समय विशेष रूप से सुहावना होता है।
क्या करें:
- इन क्षेत्रों में जंगल सफारी और बर्ड वाचिंग का आनंद लें।
- स्थानीय गाँवों में घूमकर उनकी दैनिक दिनचर्या को देखें।
- छोटी-छोटी पहाड़ियों पर हाइकिंग करें।
- प्राकृतिक झरनों और नदियों के किनारे पिकनिक मनाएँ।
ख़ास संस्कृति:
- ये क्षेत्र जनजातीय संस्कृति के गढ़ हैं।
- जहाँ प्राचीन रीति-रिवाज और लोक कथाएँ आज भी जीवित हैं।
कैसे जाएँ:
- इन स्थानों तक पहुँचने के लिए आमतौर पर नजदीकी शहरों जैसे पलक्कड़,
- मन्नारकाड या वायनाड के कल्पेट्टा से सड़क मार्ग का ही उपयोग करना पड़ता है।
- निजी वाहन या टैक्सी सबसे अच्छा विकल्प है।
केरल के हिल स्टेशन्स की यात्रा के लिए सामान्य सुझाव:
- पैकिंग: हमेशा हल्के ऊनी कपड़े, रेनकोट, आरामदायक जूते और दवाइयों की किट साथ रखें।
- यातायात: केरल के अधिकतर हिल स्टेशन सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़े हुए हैं। आप टैक्सी या केरल राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों का उपयोग कर सकते हैं।
- आवास: यहाँ लक्ज़री रिसॉर्ट्स से लेकर बजट के होमस्टे और गेस्ट हाउस तक सभी प्रकार के ठहरने के विकल्प उपलब्ध हैं। पहले से बुकिंग कराना उचित रहता है।
- भोजन: केरल के पहाड़ी इलाकों में स्थानीय व्यंजनों का आनंद ज़रूर लें। इडली-डोसा के साथ-साथ स्थानीय तरीके से बनी चाय और कॉफी का स्वाद अविस्मरणीय है।
निष्कर्ष:
केरल के हिल स्टेशन्स प्रकृति प्रेमियों, साहसिक पर्यटकों और शांति की तलाश करने वाले सैलानियों सभी के लिए एक आदर्श गंतव्य हैं। ये Kerala Hill Stations न केवल गर्मी से राहत दिलाते हैं, बल्कि मन और आत्मा को शांति भी प्रदान करते हैं। चाहे वह मुन्नार की चाय की पहाड़ियाँ हों या वायनाड के रहस्यमयी जंगल, प्रत्येक स्थल अपने आप में विशेष और यादगार है। केरल की इस पहाड़ी यात्रा पर निकलकर आप प्रकृति के उस रूप से रूबरू होंगे, जो आपको जीवन भर के लिए ऊर्जा और सकारात्मकता से भर देगा। तो अगली छुट्टियों की योजना बनाएं और इन अद्भुत Kerala Hill Stations की सुंदरता को निहारने के लिए तैयार हो जाएं।
Kerala Hill Stations: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
A: मुन्नार सबसे लोकप्रिय है। वायनाड एडवेंचर और वाइल्डलाइफ के लिए बेहतर है।
A: सितंबर से मार्च तक का समय आदर्श है। मौसम सुहावना रहता है।
A: हाँ, लेकिन भारी बारिश और लैंडस्लाइड का रिस्क रहता है। ट्रैकिंग बंद हो सकती है।
A: चाय और कॉफी बागान, घने जंगल, झरने, जैव विविधता और आदिवासी संस्कृति के लिए।
A: मुन्नार चाय बागानों और सुंदर दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। वायनाड जंगल सफारी, ट्रैकिंग और आदिवासी गाँवों के लिए बेहतर है।
A: कोचीन या कोजिकोड एयरपोर्ट से टैक्सी/बस द्वारा। रेल से कोचीन या कोट्टायम आकर सड़क मार्ग से जा सकते हैं।
A: हाँ, बिल्कुल। मुन्नार और पोनमुडी रोमांटिक हैं। वायनाड और मुन्नार परिवार के साथ घूमने के लिए भी बढ़िया हैं।
A: ट्रैकिंग, कैंपिंग, रॉक क्लाइंबिंग, जंगल सफारी, बर्ड वाचिंग और पैराग्लाइडिंग (रामकलमेडु में)।
A: प्रत्येक प्रमुख हिल स्टेशन के लिए कम से कम 2-3 दिन का समय दें। सम्पूर्ण यात्रा के लिए 7-10 दिन आदर्श हैं।
A: हाँ, सभी जगह होमस्टे, गेस्ट हाउस और बजट होटल उपलब्ध हैं। बुकिंग पहले से कर लें।